बजट अनुमान 2020-21 के दौरान GSDP के प्रतिशत के रूप में राजस्व घाटा 2.10 प्रतिशत अनुमानित रहा जबकि संशोधित अनुमान 2021-22 में ये 1.40 प्रतिशत अनुमानित
बजट अनुमान 2022-23 में ये जी.एस.डी.पी. के 0.98 प्रतिशत तक और कम होने का अनुमान
संशोधित अनुमान 2021-22 में ऋण और जीएसडीपी का अनुपात 24.98 फीसदी, जबकि 15 वित्त आयोग द्वारा निर्धारित सीमा का 32.61 फ़ीसदी
बजट अनुमान 2022-23 के लिए यह जीएसडीपी का 24.51 फीसदी, जबकि 15 वे वित्त आयोग ने इसकी सीमा जीएसडीपी के 33.33 फीसदी तय की
पूंजीगत व्यय का आर्थिक विकास पर सीधा प्रभाव,
हम कुल व्यय में पूंजीगत व्यय के अनुपात को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध
हम वर्ष 2020-21 में 37,093.83 करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय की तुलना में, संशोधित अनुमान 2021-22 में इसे बढ़ाकर 48,265.49 करोड़ रुपये करने में सक्षम
बजट अनुमान 2022-23 में यह बढ़ाकर 61,057.35 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव
हमारे सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम भी राज्य में पूंजीगत बुनियादी ढांचे के निर्माण और सुदृढीकरण के लिए पर्याप्त पूंजी कर रहे हैं निवेश
वर्ष 2022-23 में इनके द्वारा 5327.56 करोड़ रुपये के पूंजी निवेश की संभावना, इसलिए, बजट अनुमान 2022-23 में Cumulative Capital Investment 66,384.91 करोड़ रुपये होने
का अनुमान
पिछले 5 सालों में इनका Cumulative Profit Margin लगभग 3 गुणा हो गया है,ये 562.88 करोड़ रुपये से बढ़कर 1393.04 करोड़ रुपये हुआ
सार्वजनिक बुनियादी ढांचा और सुविधाएं प्रदान करने के लिए 2,000 करोड़ रुपये की राशि का प्रावधान
राजकोषीय अपव्यय से बचने के लिए 3 समर्पित कोष स्थापित होंगे
• स्टार्ट-अप की सहायता के लिए 'उद्यम पूंजी कोष'।
• हरित विकास उद्देश्यों के लिए 'जलवायु एवं सतत
विकास कोष'
• वैज्ञानिक गतिविधि और छात्रवृत्ति को बढ़ावा देने के लिए'अनुसंधान एवं नवाचार कोष'
सरकारी संस्थाओं को पोर्टफोलियो प्रबंधन और कम लागत वाली कार्यशील पूंजी आवश्यकताओं के लिए एक गैर-बैंकिंग वित्त कंपनी के रूप में हरियाणा फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड' की स्थापना की
ये बजट में, आर्थिक विकास और मानव विकास को बढ़ाने, ईज ऑफ लीविंग, गरीबों व वंचित समूहों के उत्थान और नई प्रौद्योगिकी को अपनाकर उत्पादकता बढ़ाने के साथ
ही रोजगार व उद्यमिता को प्रोत्साहन देने के लिए 'वज्र मॉडल' करता है प्रस्तुत
इसमें 5 विकासात्मक शक्तियों की परिकल्पना की गई
बजट की 5 शक्तियां हैं-
• अंत्योदय-गरीब से गरीब व्यक्ति का उत्थान
• समर्थ हरियाणा-सूचना प्रौद्योगिकी का उपयोग कर
संरचनात्मक और संस्थागत सुधार
• सतत विकास-सस्टेनेबल डेवेलपमेंट
. संतुलित पर्यावरण-पर्यावरणीय स्थिरता,
• सहभागिता-सार्वजनिक व निजी भागीदारी (जी.सी.पी.)
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